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Shri All India Swetamber Sthanakwasi Jain Conference

Objectives and Characteristics

संस्था के मूल उद्देश्यों, कार्य-दिशा और जैन कॉन्फ्रेंस की विशेषताओं को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है।

श्री ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस की आधारभूत अवधारणाए, संस्था के उद्देष्य

  1. संस्था का उद्देश्य एवं कार्य सामाजिक संगठन को विकसित एवं प्रोत्साहित करना है।
  2. मानवता के नैतिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और व्यवहारिक स्तरों पर समाज को उन्नत बनाने का प्रयत्न करना।
  3. निर्धन, विपन्न, दुर्बल, बीमार साघर्मिक भाई बहनों, जिनका आजीविका का आधार अत्यंत क्षीण है, उनकी सहायता करना एवं उनके विश्वास को न टूटने देना ।
  4. सत्य, अंहिसा आदि पंच महाव्रत एवं श्रावकीय 12 व्रतों का समाज में स्थायित्व बनाना एवं उपासना पद्धति में इन नियमों का दृढ़ता से पालन कराना ।
  5. सम्पूर्ण देश में धार्मिक प्रशिक्षण, नैतिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक व निजी संस्थाओ का सहयोग लेकर षिक्षा प्राप्त कराना समर्थन व अनुदान देना।

जैन कॉन्फ्रेंस की विशेषताएं

  1. राष्ट्रीय स्तर पर प्राचीन प्रतिनिधि संगठनः जैन कॉन्फ्रेंस सम्पूर्ण स्थानकवासी जैन समाज का एकमात्र ऐसा प्राचीन एवं प्रतिनिधि संगठन है जो सन् 1906 से आज तक गतिमान है।
  2. अखिल भारतीय स्वरुप एवं प्रभाव जैन कॉन्फ्रेंस एकमात्र ऐसी संस्था है जिसके देश भर में 5 जोन में 15 प्रांतो में लगभग 77 हजार सक्रीय आजीवन सदस्य हैं।
  3. श्रमण संघ की जन्मदाता जैन कॉन्फ्रेंस के अपने जन्म काल से ही संघीय एकता की पक्षघर है। जैन कॉन्फ्रेंस के प्रयासों से ही संत समन्वय होकर श्रमण संघ का निर्माण संभव हो पाया। अस्तु जैन कॉन्फ्रेंस श्रमण संघ की मातृ संस्था भी कहीं जाती है।
  4. विधि सम्मत विधानानुसार संचालन: जैन कॉन्फ्रेंस का अपने जन्मकाल से ही विधि सम्मत विधान के अनुसार संचालन होता है। भारत वर्ष के लगभग हर प्रांत में श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन समाज इस संस्था से जुड़ा हुआ है।
  5. निर्वाचित - चयनित अध्यक्ष जैन कॉन्फ्रेंस का संचालन निर्वहन निर्वाचित -चयनित अध्यक्ष द्वारा ही संचालित होता है। केन्द्रीय कार्यकारिणी के प्रमुख पदेन सदस्यों की नियुक्ति या निष्कासन का अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष या राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति को ही है।
  6. बहुआयामी प्रकल्पों की शाश्वत्ता जैन कॉन्फ्रेंस संभवतः जैन समाज की ऐसी एकमात्र संस्था है, जो अनेकों योजना, प्रकल्पों के अन्र्तगत बहुआयामी कार्यों को शाश्वत रुप से संचालित कर रही है।
  7. संघर्ष और सफलता इतिहासः जैन कॉन्फ्रेंस एकमात्र ऐसी सामाजिक जैन संस्था है, जिसका मूल्य आधारित संघर्ष और सफलता का अपना एक इतिहास है।
  8. लोकतांत्रिक सामजिक संगठन जैन कॉन्फ्रेंस एक ऐसी सामाजिक जेन संस्था है, जिसका प्रमुख कार्य स्थानकवासी जैन चतुर्विध संघ एवं परम्पराओं का रक्षण करना है। यह पहली जैन सामाजिक संस्था है जिसने युवाओं और महिलाओं को बराबर के आधिकार एवं प्रतिनिधित्व प्राप्त हैं।
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